Damodarastakam - Hindi By Srila Narayana Gosvami Maharaja
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श्री सत्यव्रत मुनि द्वारा रचित और श्रीकृष्ण द्वैपायन वेदव्यास द्वारा लिखित, इस ग्रंथ पर श्री सनातन गोस्वामी तथा श्री श्रीमद् भक्तिवेदांत नारायण गोस्वामी महाराज की अमूल्य टीकाएँ संकलित हैं।
हजारों वर्षों से भक्तजन विशेषकर कार्तिक मास में श्री दामोदराष्टकम का गान करते आए हैं। आठ श्लोकों का यह दिव्य स्तोत्र श्री सत्यव्रत मुनि के श्री दामोदर के प्रति प्रगाढ़ प्रेम की पराकाष्ठा को प्रकट करता है। इसमें वे प्रार्थना करते हैं—
“हे प्रभु! आप अपनी नित्य, सदा-सुंदर गोपबालक रूप में मेरे सम्मुख प्रकट हों और मुझे जीवन की परम सिद्धि प्रदान करें।”

















