Rasik Vaishnava Literature Collection – Works on Radha-Krishna’s Divine Pastimes
यह विशेष संग्रह रसिक आचार्यों द्वारा विरचित उन अमूल्य ग्रन्थों का है, जिनमें श्रीराधा-कृष्ण की माधुर्य, लीला और रस-तत्त्व का गहन एवं भावपूर्ण निरूपण मिलता है। नाट्य, स्तुति, प्रार्थना और रस-प्रबन्ध—इन सभी विधाओं में ब्रज-रस की प्रामाणिक अभिव्यक्ति इस सेट को साधक-रसिकों के लिए अत्यंत उपयोगी बनाती है।
इस संग्रह में सम्मिलित प्रमुख ग्रन्थ
श्री श्री अनंगमंजरी सम्पुटिका
श्री प्रार्थनामृत तरंगिणी
श्रीश्रीआश्चर्य रास प्रबन्ध
श्रीललितमाधव नाटक
श्रीविदग्धमाधव नाटक
श्री स्तवावली एवं श्रीदानकेलि चिन्तामणि
मुख्य विशेषताएँ
शुद्ध गौड़ीय वैष्णव परम्परा में रचित प्रामाणिक ग्रन्थ
राधा-कृष्ण की नित्य ब्रज-लीलाओं का रसात्मक विवेचन
साधना, स्वाध्याय एवं पाठ के लिए उपयुक्त
उच्च गुणवत्ता मुद्रण एवं आकर्षक आवरण
उपयुक्त किसके लिए?
रसिक साधक, वैष्णव पाठक, शोधार्थी, एवं वे पाठक जो ब्रज-भक्ति साहित्य का गहन आस्वादन करना चाहते हैं।
यह संग्रह आपके वैष्णव ग्रन्थालय को न केवल समृद्ध करता है, बल्कि हृदय में ब्रज-रस की अनुभूति भी जाग्रत करता है।

















