पारंपरिक भारतीय जीवन की एक झलक (A glimpse of traditional Indian life) Hindi
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पारम्परिक जीवन की एक झलक भारतीय सभ्यता की जीवनशैली का विस्तृत विश्लेषण करने हेतु प्रयास नहीं है और न ही यह सलाह देने के लिए है कि किस प्रकार आज के इतने बदले हुए हालातों में इस सभ्यता को पुन: जागृत किया जाए। यह पुस्तक अतीत की जीवनशैली की एक झलक दिखलाती है। हम आशा करते हैं कि इसके द्वारा लोग नैतिकमूल्यों से रहित खतरनाक परिवेश में वैदिक संस्कृति के पुनरुत्थान के लिए प्रेरित होंगे। वैदिक जीवनशैली के बारे में लिखना आसान है किन्तु पूरे संसार में इसे स्थापित करना मुश्किल है। फिर भी वैदिक जीवनशैली के प्रति जागरुकता लाने के लिये यह पहला और महत्वपूर्ण कदम है।
हम असली सभ्यता को लाने का प्रयास कर रहे हैं। वास्तव में इस समय कोई भी सभ्यता नहीं है। वे मात्र कुत्ते-बिल्लियों की तरह एक दूसरे से लड़ रहे हैं। यह सभ्यता नहीं है। नास्तिक और आसुरी लोगों का बोलबाला है। और उनके पास बड़ी-बड़ी गगनचुम्बी इमारतें और गाडिय़ाँ हैं, इसलिए भारत इसका शिकार हो रहा है: ओह! इस गाड़ी और बड़ी-बड़ी इमारतों के बिना हम बेकार हैं। यही कारण है कि वे नकल कर रहे हैं। वे अपनी सर्वश्रेष्ठ भारतीय संस्कृति को खो चुके हैं। अत: यह पहली बार है कि हम आसुरी संस्कृति पर वैदिक संस्कृति की विजय का प्रयास कर रहे हैं। यह पहली बार है। अत: यह बहुत ही खुशी की बात है कि आप आंदोलन में शामिल हो गए हो। यदि आप मानव समाज को सुखी बनाना चाहते हो, तो इन्हें यह कृष्ण भावनाभावित संस्कृति दो

















