बयालीस लीला - Forty Two Lilas By Rasika Saint Shri Dhruvdas
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व्यालीस-लीला (भावानुवाद सहित) एक अत्यंत मधुर एवं आध्यात्मिक ग्रंथ है, जिसमें रसिक संत श्री हित ध्रुवदास जी की दिव्य वाणी का संकलन प्रस्तुत किया गया है। यह ग्रंथ राधा-कृष्ण की दिव्य लीलाओं, निकुंज भाव, तथा रसरूप भक्ति के गूढ़ रहस्यों को सरल एवं हृदयस्पर्शी शैली में प्रकट करता है।
इस पुस्तक में वैष्णव भक्ति परंपरा, विशेषकर राधावल्लभ सम्प्रदाय की भावपूर्ण उपासना पद्धति का सुंदर वर्णन मिलता है। भावानुवाद सहित प्रस्तुत होने के कारण यह ग्रंथ न केवल विद्वानों के लिए बल्कि सामान्य भक्तों के लिए भी सहज रूप से समझने योग्य है।
✨ मुख्य विशेषताएँ:
राधा-कृष्ण की मधुर लीलाओं का विस्तार
रसिक संतों की गूढ़ वाणी का सरल भावानुवाद
भक्ति, प्रेम और आध्यात्मिक अनुभूति का अद्भुत संगम
वैष्णव साधकों एवं भक्तों के लिए अत्यंत उपयोगी
सुंदर एवं संग्रहणीय संस्करण
Vyalis-Lila (with Hindi translation) is a devotional classic presenting the divine verses of Saint Hit Dhruvdas Ji. It beautifully explains the intimate pastimes of Radha-Krishna and the essence of rasika bhakti in a simple and heart-touching style—perfect for devotees and spiritual readers.
















