Shri Shri Prathnamrita Tarangini (Hindi) Sri Sri Shachinandan Ji Maharaja
श्रीश्रीप्रार्थनामृत तरंगिणी गोवर्धनवासी सिद्ध महापुरुष श्रीकृष्णदास बाबाजी महाराज का भक्तसमाज के लिए एक अनुपम आध्यात्मिक उपहार है। इस ग्रंथ में अत्यंत सरस एवं संक्षिप्त रूप से श्रीगौरांग महाप्रभु तथा श्रीश्री राधामाधव की अष्टकालीन नित्य लीलाओं का माधुर्यपूर्ण वर्णन प्रस्तुत किया गया है।
इस ग्रंथ के अनुशीलन से साधक निशान्त लीला से लेकर नक्त लीला पर्यन्त प्रभु की नित्य लीलाओं का अनुभव महाजनों के दिव्य अनुभूतियों के माध्यम से कर पाता है। इसके फलस्वरूप साधक के हृदय में अपने स्वीय सिद्ध स्वरूप में सेवा-लाभ की उत्कण्ठा क्रमशः प्रबल होती जाती है और अंततः वह सहज रूप से उस दिव्य सेवा में प्रवृत्त होने लगता है।
श्रीश्री शचीनन्दन जी महाराज के मार्गदर्शन में KARM भक्तवृन्द द्वारा इस अमूल्य ग्रंथ का हिंदी रूपान्तरण सम्पन्न किया गया है, जिससे यह रसपूर्ण ग्रंथ हिंदी पाठकों के लिए भी सहज सुलभ हो सका है।
✨ मुख्य विशेषताएँ
अष्टकालीन लीला का संक्षिप्त एवं रसपूर्ण विवेचन
महाजनों के अनुभूत अनुभवों पर आधारित
रागानुगा भक्ति के साधकों के लिए विशेष उपयोगी
प्रामाणिक हिंदी अनुवाद




















