श्रीगुरु ज्ञानांजन - Sri Guru Jnananjana (Hindi) Paperback
लेखक • संपादक • प्रकाशक: व्रज विभूति श्री श्यामदास
कृपानुमोदित: दासामृत डॉ. गिरिराज • डॉ. भागवतश्यामदास
प्रकाशक संस्था: श्री हरिनाम संकीर्तन मण्डल, वृन्दावन
श्रीगुरु ज्ञानानजन एक अत्यंत दुर्लभ, मौलिक और गहन वैष्णव ग्रंथ है, जिसमें एक सौ से अधिक वैष्णव आचार्यों, संतों और भक्तों के उपदेश, वाणी, अनुभव और तात्त्विक शिक्षाओं का संग्रह प्रस्तुत किया गया है। यह ग्रंथ गुरु-तत्त्व, साधना-मार्ग, भक्ति-तत्त्व और वैष्णव जीवन-दर्शन को अत्यंत प्रामाणिक और भावपूर्ण रूप में प्रकाशित करता है।
इस ग्रंथ का उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि साधक के हृदय में श्रद्धा, सेवाभाव और शुद्ध भक्ति का जागरण करना है। इसमें संकलित सभी विचार प्रामाणिक वैष्णव परंपरा से लिये गये हैं और उन्हें सरल, क्रमबद्ध तथा पठनीय रूप में प्रस्तुत किया गया है।
व्रज विभूति श्री श्यामदास द्वारा संकलित यह ग्रंथ गुरु-भक्ति, नाम-साधना, वैष्णव आचार, दीनता, सेवा-भाव और प्रेम-मार्ग के सूक्ष्म तत्वों को स्पष्ट करता है। यह ग्रंथ गृहस्थ साधकों, ब्रह्मचारियों, सन्यासियों, प्रवचनकर्ताओं तथा वैष्णव साहित्य के गंभीर पाठकों — सभी के लिए अत्यंत उपयोगी है।
✨ विशेषताएँ:
100+ वैष्णव संतों और आचार्यों की वाणी का संग्रह
गुरु-तत्त्व और भक्ति-मार्ग पर केंद्रित दुर्लभ सामग्री
शास्त्रसम्मत, परंपरागत और प्रामाणिक प्रस्तुति
सरल, भावपूर्ण एवं साधना-उपयोगी भाषा
वैष्णव जीवन के लिए मार्गदर्शक ग्रंथ





















