श्रीचैतन्यचरितामृत: Shri Chaitanya Charitamrita (Hindi) Hardcover
A revised and expanded edition of Sri Sri Chaitanya Charitamrita covering Adi, Madhya, and Antya Lilas, along with Srimad Vaishnava Siddhanta Ratna Sangraha. This authoritative Gaudiya Vaishnava scripture presents the divine life and teachings of Sri Chaitanya Mahaprabhu, enriched with commentary and philosophical insights—ideal for serious readers and practitioners of bhakti.
श्रीश्रीचैतन्यचरितामृत गौड़ीय वैष्णव परंपरा का एक अमूल्य ग्रंथ है, जिसे श्रीकृष्णदास कविराज गोस्वामी ने रचा है। इस संस्करण में आदि, मध्य एवं अन्त्य—तीनों लीलाओं का संपूर्ण वर्णन प्रस्तुत है, साथ ही इसकी विस्तृत भूमिका-स्वरूप ‘श्रीमद्वैष्णवसिद्धान्त रत्न संग्रह’ भी सम्मिलित है।
यह संशोधित एवं परिवर्धित (छठा) संस्करण विद्वानों एवं साधकों दोनों के लिए अत्यंत उपयोगी है। ग्रंथ में श्रीचैतन्य महाप्रभु के दिव्य जीवन, उनके उपदेश, नाम-संकीर्तन की महिमा तथा गौड़ीय सिद्धांतों का गहन और तत्त्वपूर्ण विवेचन मिलता है।
इस पुस्तक का संपादन ब्रजविभूति श्रीश्यामदास जी द्वारा किया गया है तथा इसमें भावपूर्ण टीका भी संलग्न है, जिससे पाठक को सिद्धांत और रस—दोनों का सम्यक् अनुभव प्राप्त होता है।
श्री चैतन्यचरितामृत एक प्रामाणिक वैष्णव ग्रंथ है, जिसमें चैतन्य महाप्रभु के जीवन, शिक्षाओं, भक्ति-योग, नाम-संकीर्तन और गहन वैष्णव दर्शन का विस्तृत वर्णन मिलता है।”
यह ग्रंथ भक्ति-साधना, नाम-तत्त्व, गुरु-तत्त्व एवं रसमय कृष्ण-भक्ति को समझने के लिए एक प्रामाणिक और आधारभूत शास्त्र है। साधकों, शोधकर्ताओं और वैष्णव साहित्य-प्रेमियों के लिए यह संग्रहणीय कृति है।
By Shri Braj Vibhuti Shyam Das [Shri Shyamlal Hakim]
प्रकाशक: श्रीहरिनाम संकीर्तन मण्डल, श्रीधाम वृन्दावन
Shri Harinam Sankirtan Mandal, Vrindavan (Hindi hardcover)

















